हाइड्रोलिक वाशिंग (जलीय प्रक्षालन) द्वारा अयस्क के सांद्रण को समझाइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) $(i)$ हाइड्रोलिक वाशिंग :
सिद्धांत : यह विधि अयस्क और गैंग (अशुद्धि) के कणों के विशिष्ट घनत्व (specific gravities) के बीच के अंतर पर आधारित है।
हाइड्रोलिक वाशिंग में,चूर्णित अयस्क को धोने के लिए बहते हुए पानी की ऊपर की ओर धारा का उपयोग किया जाता है। हल्के गैंग के कण पानी की धारा के साथ बह जाते हैं,जबकि भारी अयस्क के कण पीछे रह जाते हैं। इस विधि को गुरुत्व पृथक्करण (Gravity Separation) भी कहा जाता है।

Explore More

Similar Questions

चुंबकीय पृथक्करण का उपयोग निम्नलिखित में से किस अयस्क की सांद्रता बढ़ाने के लिए किया जाता है?

निम्नलिखित का निक्षालन (Leaching) समझाइए:
$(i)$ बॉक्साइट से एल्युमिना (बेयर प्रक्रम)
$(ii)$ सोना और चांदी (सायनाइड प्रक्रम)

Difficult
View Solution

रासायनिक लीचिंग (Chemical leaching) किसके सांद्रण में उपयोगी है?

फेन प्लवन (froth floatation) विधि का विचार एक व्यक्ति $X$ से आया था और यह विधि अयस्कों की $Y$ प्रक्रिया से संबंधित है। $X$ और $Y$ क्रमशः हैं

बॉक्साइट,जो एल्युमीनियम का अयस्क है,उसे किस प्रक्रिया द्वारा शुद्ध किया जाता है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo