(N/A) एक लिगेंड में दाता परमाणुओं की कुल संख्या को उसकी दंतुरता (denticity) कहा जाता है।
$(i)$ एकदंतुर (Monodentate) लिगेंड्स: इन लिगेंड्स में केवल एक दाता परमाणु होता है या ये धातु आयन के साथ एक इलेक्ट्रॉन युग्म के माध्यम से समन्वित होते हैं। इन्हें यूनीडेंटेट लिगेंड्स के रूप में भी जाना जाता है। ये उदासीन या ऋणायनी हो सकते हैं।
उदाहरण:
$(a)$ उदासीन: $H_{2}O, CO, NH_{3}, C_{6}H_{5}N$ (पिरिडीन) आदि।
$(b)$ ऋणायनी: $Cl^{-}, Br^{-}, I^{-}, NO_{2}^{-}, SCN^{-}$ आदि।
$(ii)$ बहुदंतुर (Polydentate) लिगेंड्स: यदि दाता परमाणुओं की संख्या क्रमशः $2, 3, 4, 5$ और $6$ हो,तो इन लिगेंड्स को द्विदंतुर,त्रिदंतुर,चतुर्दंतुर,पंचदंतुर और षट्दंतुर कहा जा सकता है।
उदाहरण:
$C_{2}O_{4}^{2-}$ (द्विदंतुर),$PO_{4}^{3-}$ (त्रिदंतुर),$N(CH_{2}CH_{2}NH_{2})_{3}$ (चतुर्दंतुर),एथिलीन डायमीन ट्राईएसीटेट आयन (पंचदंतुर) और एथिलीन डायमीन टेट्राएसीटेट आयन (षट्दंतुर)।