$\pi$ बंध की विशेषताओं को समझाइए। अथवा,$\pi$ बंध के निर्माण के लिए आवश्यक शर्तें बताइए और सक्रिय केंद्रों की व्याख्या कीजिए।

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(N/A) $\pi$ बंध के निर्माण में,उचित पार्श्व (sideways) अतिव्यापन के लिए आसन्न परमाणुओं पर दो $p$-कक्षकों का समानांतर अभिविन्यास आवश्यक है।
उदाहरण: $H_2C=CH_2$ में $\pi$ बंध के निर्माण के लिए:
- सभी परमाणु एक ही तल में होने चाहिए।
- $p$-कक्षक परस्पर समानांतर होते हैं।
- दोनों $p$-कक्षक अणु के तल के लंबवत होते हैं।
$C-C$ बंध पर घूर्णन का प्रभाव: $CH_2=CH_2$ में,एक $CH_2$ खंड का दूसरे के सापेक्ष घूर्णन $p$-कक्षकों के अधिकतम अतिव्यापन में बाधा डालता है; इसलिए,कार्बन-कार्बन द्विबंध $(C=C)$ के चारों ओर ऐसा घूर्णन प्रतिबंधित होता है।
$\pi$ बंध द्वारा इलेक्ट्रॉनों की उपलब्धता और प्रतिक्रियाशील केंद्र: $\pi$ बंध का इलेक्ट्रॉन आवेश बादल आबंधी परमाणुओं के तल के ऊपर और नीचे स्थित होता है। इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉन आक्रमणकारी अभिकर्मकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। सामान्य तौर पर,$\pi$ बंध बहु-आबंध युक्त अणुओं में सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील केंद्र प्रदान करते हैं।

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