(N/A) इस अभिक्रिया में एल्डिहाइड या कीटोन के कार्बोनिल समूह $(C=O)$ में $Grignard$ अभिकर्मक $(R-Mg-X)$ का नाभिकरागी (nucleophilic) योग होता है।
$1.$ $Grignard$ अभिकर्मक का नाभिकरागी एल्किल समूह $(R^-)$ कार्बोनिल कार्बन पर आक्रमण करता है,जबकि मैग्नीशियम $(Mg^+X)$ कार्बोनिल ऑक्सीजन के साथ जुड़कर एक मध्यवर्ती उत्पाद (एल्कोक्सीमैग्नीशियम हैलाइड) बनाता है।
$2.$ इस मध्यवर्ती उत्पाद का जल $(H_2O)$ के साथ जल-अपघटन करने पर अल्कोहल प्राप्त होता है।
सामान्य अभिक्रिया:
$R-Mg-X + >C=O$ $\rightarrow >C(R)-OMgX$ $\xrightarrow{H_2O} >C(R)-OH + Mg(OH)X$
उपयोग:
- $Methanal$ $(HCHO)$,$Grignard$ अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करके प्राथमिक $(1^{\circ})$ अल्कोहल बनाता है।
- अन्य एल्डिहाइड $(RCHO)$,द्वितीयक $(2^{\circ})$ अल्कोहल बनाते हैं।
- कीटोन $(R_2CO)$,तृतीयक $(3^{\circ})$ अल्कोहल बनाते हैं।