(N/A) $s$-कक्षक $p$-कक्षक की तुलना में नाभिक के अधिक निकट होता है,इसलिए जैसे-जैसे $s$-लक्षण बढ़ता है,विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।
विद्युत ऋणात्मकता का क्रम: $sp \text{ } C > sp^{2} \text{ } C > sp^{3} \text{ } C$ है।
इस कारण से,एथाइन $(HC \equiv CH)$ में $sp$-संकरित कार्बन $C-H$ बंध के साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर अधिक मजबूती से आकर्षित करता है।
यह $sp$-संकरित कार्बन से जुड़े हाइड्रोजन परमाणु को अम्लीय प्रकृति प्रदान करता है।
$sp$ कार्बन में $50\% \text{ } s$-लक्षण होने के कारण $C-H$ बंध ध्रुवीय हो जाता है,जिससे प्रबल क्षार की उपस्थिति में $H$ को प्रोटॉन $(H^{+})$ के रूप में मुक्त किया जा सकता है।
एथाइन की अम्लीय प्रकृति को दर्शाने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ:
$1$. सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया:
$HC \equiv CH + Na \xrightarrow{475 \ K} HC \equiv C^{-}Na^{+} + \frac{1}{2} H_{2}$
$2$. सोडामाइड $(NaNH_{2})$ के साथ अभिक्रिया:
$HC \equiv CH + NaNH_{2} \xrightarrow{liq. NH_{3}} HC \equiv CNa + NH_{3}$
$HC \equiv CH + 2NaNH_{2} \xrightarrow{liq. NH_{3}} Na^{+}C^{-} \equiv C^{-}Na^{+} + 2NH_{3}$
अतः,टर्मिनल एल्काइन दुर्बल अम्लीय गुण प्रदर्शित करते हैं।