(N/A) जंतुओं को उनके भ्रूणीय विकास के दौरान उपस्थित जनन स्तरों (germinal layers) की संख्या के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है:
$ 1 $. द्विकोरिक (Diploblastic) जंतु: वे जंतु जिनमें कोशिकाएं दो भ्रूणीय परतों में व्यवस्थित होती हैं, एक बाहरी $ \text{बाह्य जनन स्तर} $ (ectoderm) और एक आंतरिक $ \text{अंतः जनन स्तर} $ (endoderm)। $ \text{बाह्य जनन स्तर} $ और $ \text{अंतः जनन स्तर} $ के बीच एक अविभेदित परत होती है जिसे $ \text{मध्यश्लेष्म स्तर} $ (mesoglea) कहा जाता है। उदाहरण के लिए $ \text{सीलेन्ट्रेटा} $ (Cnidarians) संघ के जंतु।
$ 2 $. त्रिकोरिक (Triploblastic) जंतु: वे जंतु जिनमें विकासशील भ्रूण में $ \text{बाह्य जनन स्तर} $ और $ \text{अंतः जनन स्तर} $ के अलावा एक तीसरी जनन परत $ \text{मध्य जनन स्तर} $ (mesoderm) भी उपस्थित होती है। उदाहरण के लिए $ \text{प्लेटीहेल्मिन्थीज} $ (Platyhelminthes) से लेकर $ \text{कोर्डेटा} $ (Chordates) तक के जंतु।