(N/A) एसिटिलीकरण,एसिलेशन अभिक्रिया का एक विशिष्ट प्रकार है जिसमें एक एसिटिल समूह $(CH_3CO-)$ को कार्बनिक यौगिक,आमतौर पर एमाइन या अल्कोहल में प्रतिस्थापित किया जाता है।
एमाइन के संदर्भ में,एलिफैटिक और एरोमैटिक प्राथमिक और द्वितीयक एमाइन,न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के माध्यम से एसिटिल क्लोराइड $(CH_3COCl)$ या एसिटिक एनहाइड्राइड $((CH_3CO)_2O)$ जैसे एसिटिलेटिंग एजेंटों के साथ अभिक्रिया करके $N$-प्रतिस्थापित एमाइड बनाते हैं।
यह अभिक्रिया आमतौर पर पिरिडीन जैसे क्षार (base) की उपस्थिति में की जाती है,जो उत्पन्न $HCl$ को हटाने के लिए एक एसिड स्कैवेंजर के रूप में कार्य करता है,जिससे साम्यावस्था दाईं ओर स्थानांतरित हो जाती है।
एथेनेमाइन के एसिटिलीकरण का उदाहरण:
$C_2H_5NH_2 + CH_3COCl \xrightarrow{\text{Pyridine}} C_2H_5NHCOCH_3 + HCl$
(एथेनेमाइन + एसिटिल क्लोराइड $\rightarrow$ $N$-एथिलएथेनामाइड + $HCl$)