$(i)$ अभिक्रिया भागफल $Q_c$ उत्पादों की सांद्रता के गुणनफल और अभिकारकों की सांद्रता के गुणनफल का अनुपात है: $Q_c = \frac{[CH_3COOC_2H_5][H_2O]}{[CH_3COOH][C_2H_5OH]}$.
$(ii)$ प्रारंभिक मोल: $CH_3COOH = 1.00$,$C_2H_5OH = 0.18$,$CH_3COOC_2H_5 = 0$,$H_2O = 0$.
संतुलन पर,इथाइल एसीटेट के मोल = $0.171 \ mol$.
इसलिए,$CH_3COOH = 1.00 - 0.171 = 0.829$,$C_2H_5OH = 0.18 - 0.171 = 0.009$,$H_2O = 0.171$.
चूंकि $K_c$ के व्यंजक में आयतन $V$ कट जाता है,हम मोल का उपयोग करते हैं: $K_c = \frac{0.171 \times 0.171}{0.829 \times 0.009} \approx 3.92$.
$(iii)$ प्रारंभिक मोल: $CH_3COOH = 1.0$,$C_2H_5OH = 0.5$,$CH_3COOC_2H_5 = 0.214$,$H_2O = 0.214$.
संतुलन मोल: $CH_3COOH = 1.0 - 0.214 = 0.786$,$C_2H_5OH = 0.5 - 0.214 = 0.286$.
$Q_c = \frac{0.214 \times 0.214}{0.786 \times 0.286} \approx \frac{0.0458}{0.2248} \approx 0.204$.
चूंकि $Q_c (0.204) \neq K_c (3.92)$,संतुलन प्राप्त नहीं हुआ है।