(N/A) अलैंगिक जनन में एक एकल जनक संतति उत्पन्न करने में सक्षम होता है। उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान और एक-दूसरे की सटीक प्रतिलिपि होती है,जिसे क्लोन (clones) कहा जाता है।
लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का निर्माण और संलयन शामिल है,जो या तो एक ही जीव द्वारा या विपरीत लिंग के अलग-अलग जीवों द्वारा होता है। ये युग्मक संलयन करके युग्मनज (zygote) बनाते हैं,जो विकसित होकर नया जीव बनता है। अलैंगिक जनन की तुलना में यह एक जटिल और धीमी प्रक्रिया है। युग्मकों के संलयन के कारण,लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से जनकों से और एक-दूसरे से भिन्न होती है।
प्रोटिस्टा और मोनेरा जैसे एककोशिकीय जीवों में,जनक कोशिका विभाजित होकर दो नए जीव बनाती है; इस प्रकार,कोशिका विभाजन ही जनन का एक तरीका है।
$1$. द्विविभाजन (Binary Fission): एक कोशिका दो भागों में विभाजित हो जाती है और प्रत्येक भाग तेजी से वयस्क जीव में विकसित हो जाता है (जैसे,अमीबा,पैरामीशियम)।
$2$. मुकुलन (Budding): यीस्ट में,विभाजन असमान होता है। छोटे मुकुल (buds) उत्पन्न होते हैं जो शुरू में जनक कोशिका से जुड़े रहते हैं,अंततः अलग होकर नए जीवों में परिपक्व हो जाते हैं।