(N/A) अनुनाद संरचनाएं $\pi$ इलेक्ट्रॉनों या एकाकी युग्मों (lone pairs) के विस्थानीकरण को दिखाने के लिए वक्र तीरों का उपयोग करके बनाई जाती हैं।
$(a)$ फिनोल $(C_{6}H_{5}OH)$: ऑक्सीजन पर मौजूद एकाकी युग्म वलय में विस्थानीकृत होता है,जिससे ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर ऋण आवेश उत्पन्न होता है।
$(b)$ नाइट्रोबेंजीन $(C_{6}H_{5}NO_{2})$: वलय के $\pi$ इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन-आकर्षक नाइट्रो समूह की ओर विस्थानीकृत होते हैं,जिससे ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर धन आवेश उत्पन्न होता है।
$(c)$ $CH_{3}CH=CH-CHO$: $C=C$ बंध के $\pi$ इलेक्ट्रॉन कार्बोनिल समूह की ओर स्थानांतरित होते हैं,जिससे $C-2$ स्थिति पर कार्बोनियम आयन बनता है।
$(d)$ बेंजैल्डिहाइड $(C_{6}H_{5}CHO)$: नाइट्रोबेंजीन की तरह,वलय के $\pi$ इलेक्ट्रॉन कार्बोनिल ऑक्सीजन की ओर विस्थानीकृत होते हैं,जिससे ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर धन आवेश उत्पन्न होता है।
$(e)$ बेंजाइल कार्बोनियम आयन $(C_{6}H_{5}CH_{2}^{+})$: वलय के $\pi$ इलेक्ट्रॉन बेंजाइलिक कार्बन पर मौजूद धन आवेश को स्थिर करने के लिए विस्थानीकृत होते हैं।
$(f)$ $CH_{3}CH=CH-CH_{2}^{+}$: $C=C$ बंध के $\pi$ इलेक्ट्रॉन टर्मिनल कार्बन पर मौजूद धन आवेश को स्थिर करने के लिए स्थानांतरित होते हैं।