(N/A) अनुप्रस्थ काट में,एक विशिष्ट लघुबीजाणुधानी रूपरेखा में लगभग गोलाकार दिखाई देती है। यह चार भित्ति परतों से घिरी होती है:
$(A)$ बाह्यत्वचा (Epidermis): यह सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत है। यह एक-स्तरीय होती है और आंतरिक ऊतकों को सुरक्षा प्रदान करती है।
$(B)$ अंतस्थीसियम (Endothecium): यह बाह्यत्वचा के नीचे स्थित होती है। इस परत की कोशिकाओं में $\alpha$-सेलुलोज की रेशेदार मोटाई होती है। वे परागकणों को मुक्त करने के लिए परागकोष के स्फुटन में मदद करती हैं।
$(C)$ मध्य परतें (Middle layers): ये अंतस्थीसियम और टेपेटम के बीच स्थित $2-3$ पतली भित्ति वाली कोशिकाओं की परतें हैं। वे सहारा प्रदान करती हैं और आमतौर पर अल्पकालिक होती हैं।
$(D)$ टेपेटम (Tapetum): यह सबसे भीतरी भित्ति परत है। इसमें घने कोशिका द्रव्य और आमतौर पर एक से अधिक केंद्रक वाली कोशिकाएं होती हैं। यह विकासशील परागकणों को पोषण प्रदान करती है।
लघुबीजाणुधानी के केंद्र में सघन रूप से व्यवस्थित सजातीय कोशिकाओं का एक समूह होता है जिसे बीजाणुजन ऊतक (sporogenous tissue) कहा जाता है। बीजाणुजन ऊतक की कोशिकाएं अर्धसूत्री विभाजन से गुजरकर लघुबीजाणु चतुष्क बनाती हैं। इस प्रक्रिया को लघुबीजाणुजनन (microsporogenesis) कहा जाता है।