(N/A) $hex-2-ene$ की संरचना $CH_3-CH=CH-CH_2-CH_3$ है।
ज्यामितीय आइसोमर्स इस प्रकार हैं:
$Cis-hex-2-ene$: दोनों एल्काइल समूह ($CH_3$ और $CH_2CH_3$) द्वि-आबंध के एक ही तरफ स्थित होते हैं।
$Trans-hex-2-ene$: दोनों एल्काइल समूह ($CH_3$ और $CH_2CH_3$) द्वि-आबंध के विपरीत दिशाओं में स्थित होते हैं।
$cis$-आइसोमर का नेट द्विध्रुव आघूर्ण (net dipole moment) अधिक होता है क्योंकि एल्काइल समूहों के आबंध द्विध्रुव एक-दूसरे को प्रबल करते हैं। $trans$-आइसोमर में,आबंध द्विध्रुव आंशिक रूप से एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर देते हैं,जिससे नेट द्विध्रुव आघूर्ण कम हो जाता है।
चूंकि $cis$-आइसोमर अधिक ध्रुवीय है,इसलिए इसमें अंतर-आणविक द्विध्रुव-द्विध्रुव आकर्षण बल अधिक मजबूत होते हैं। अतः,$cis$-आइसोमर का क्वथनांक $trans$-आइसोमर से अधिक होता है।