(N/A) सीधे विद्युत धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ तार को केंद्र मानकर संकेंद्री वृत्तों के रूप में होती हैं। इन रेखाओं की दिशा दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right-Hand Thumb Rule) का उपयोग करके निर्धारित की जा सकती है।
जब उस बिंदु को,जहाँ चुंबकीय क्षेत्र निर्धारित करना है,सीधे तार से दूर ले जाया जाता है,तो चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति कम हो जाती है।
औचित्य: सीधे धारावाही तार द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र $(B)$ का परिमाण तार से दूरी $(r)$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है,जिसे $B \propto 1/r$ के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसलिए,जैसे-जैसे दूरी $(r)$ बढ़ती है,चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति $(B)$ घटती जाती है। इसे दिक्सूचक (compass) की सुई के विक्षेपण को देखकर प्रयोगात्मक रूप से सत्यापित किया जा सकता है,जो तार से दूर ले जाने पर कम हो जाता है।