(N/A) $C_{2}H_{4}$:
उत्तेजित अवस्था में $C$-परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^{2} 2s^{1} 2p_x^{1} 2p_y^{1} 2p_z^{1}$ है।
एथीन अणु $(C_{2}H_{4})$ के निर्माण में,कार्बन का एक $sp^{2}$ संकरित कक्षक दूसरे कार्बन परमाणु के $sp^{2}$ संकरित कक्षक के साथ अतिव्यापन करके $C-C$ सिग्मा आबंध बनाता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु के शेष दो $sp^{2}$ कक्षक दो हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ $sp^{2}-s$ सिग्मा आबंध बनाते हैं। प्रत्येक कार्बन परमाणु का असंकरित $2p_z$ कक्षक पार्श्व अतिव्यापन द्वारा एक दुर्बल $\pi$-आबंध बनाता है।
$C_{2}H_{2}$:
$C_{2}H_{2}$ अणु के निर्माण में,प्रत्येक $C$-परमाणु $sp$ संकरित होता है और दो $2p$-कक्षक असंकरित अवस्था में होते हैं।
प्रत्येक कार्बन परमाणु का एक $sp$ कक्षक अंतर-नाभिकीय अक्ष पर अतिव्यापन करके $C-C$ सिग्मा आबंध बनाता है। प्रत्येक $C$-परमाणु का दूसरा $sp$ कक्षक हाइड्रोजन परमाणु के $1s$-कक्षक के साथ अतिव्यापन करके $C-H$ $\sigma$ आबंध बनाता है।
प्रत्येक कार्बन परमाणु के दो असंकरित $2p$-कक्षक पार्श्व अतिव्यापन करके दो $\pi$-आबंध बनाते हैं। इस प्रकार,त्रि-आबंध एक $\sigma$ और दो $\pi$-आबंधों से बना होता है।