(N/A) पोटेशियम क्लोराइड $(KCl)$ एक प्रबल अम्ल $(HCl)$ और प्रबल क्षार $(KOH)$ का लवण है। अतः,यह प्रकृति में उदासीन है और सामान्य जल में इसका जल-अपघटन नहीं होता है। यह निम्न प्रकार से आयनों में वियोजित होता है:
$KCl_{(s)} \xrightarrow{H_2O} K_{(aq)}^{+} + Cl_{(aq)}^{-}$
अम्लीय और क्षारीय जल में,आयन अभिक्रिया नहीं करते हैं और वैसे ही रहते हैं।
एल्युमिनियम $(III)$ क्लोराइड $(AlCl_3)$ एक प्रबल अम्ल $(HCl)$ और दुर्बल क्षार $[Al(OH)_3]$ का लवण है। अतः,सामान्य जल में इसका जल-अपघटन होता है:
$AlCl_{3(s)} + 3H_2O_{(l)} \to Al(OH)_{3(s)} + 3H^+_{(aq)} + 3Cl^-_{(aq)}$
अम्लीय जल में,$H^+$ आयन $Al^{3+}$ के जल-अपघटन को दबा देते हैं,इसलिए $AlCl_3$,$Al^{3+}_{(aq)}$ और $Cl^-_{(aq)}$ आयनों के रूप में मौजूद रहता है:
$AlCl_{3(s)} \xrightarrow{H^+_{(aq)}} Al^{3+}_{(aq)} + 3Cl^-_{(aq)}$
क्षारीय जल में,बना हुआ $Al(OH)_3$,$OH^-$ आयनों के साथ अभिक्रिया करके एक घुलनशील संकुल बनाता है:
$Al(OH)_{3(s)} + OH^-_{(aq)} \to [Al(OH)_4]^-_{(aq)}$