(N/A) नहीं,एक ही क्षेत्र में उगने वाली पौधों की विभिन्न प्रजातियाँ किसी विशेष समय पर वाष्पोत्सर्जन की समान दर प्रदर्शित नहीं करती हैं।
औचित्य:
$1$. वाष्पोत्सर्जन बाह्य (पर्यावरणीय) और आंतरिक (पौधे-विशिष्ट) दोनों कारकों से प्रभावित होता है।
$2$. आंतरिक कारकों में रंध्रों (stomata) की संख्या और वितरण,खुले रंध्रों का प्रतिशत,पौधे की जल स्थिति और वितान (canopy) की संरचना शामिल हैं।
$3$. विभिन्न प्रजातियों में अलग-अलग आकारिकी और शारीरिक अनुकूलन होते हैं,जैसे कि उपत्वचा (cuticle) की मोटाई,रोमों (trichomes) की उपस्थिति,या रंध्री गर्तों की गहराई (जैसे,मरुद्भिद बनाम समोद्भिद पौधे)।
$4$. भले ही प्रकाश की तीव्रता,तापमान,आर्द्रता और हवा की गति जैसे बाहरी कारक दोनों पौधों के लिए समान हों,फिर भी उनकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं और संरचनात्मक लक्षणों के कारण जल हानि की दर भिन्न होती है।