| सिग्मा $(\sigma)$ बंध | पाई $(\pi)$ बंध |
| $(a)$ यह कक्षकों के सिरे-से-सिरे (end-to-end) अतिव्यापन द्वारा बनता है। | $(a)$ यह कक्षकों के पार्श्व (lateral) अतिव्यापन द्वारा बनता है। |
| $(b)$ अतिव्यापन में शामिल कक्षक $s-s, s-p,$ या $p-p$ होते हैं। | $(b)$ ये बंध केवल $p-p$ कक्षकों के अतिव्यापन से बनते हैं। |
| $(c)$ यह एक मजबूत बंध है। | $(c)$ यह एक कमजोर बंध है। |
| $(d)$ इलेक्ट्रॉन बादल दो नाभिकों को जोड़ने वाली रेखा के चारों ओर सममित होता है। | $(d)$ इलेक्ट्रॉन बादल अंतर-नाभिकीय अक्ष के चारों ओर सममित नहीं होता है। |
| $(e)$ इसमें एक इलेक्ट्रॉन बादल होता है,जो अंतर-नाभिकीय अक्ष के चारों ओर सममित होता है। | $(e)$ इसमें दो इलेक्ट्रॉन बादल होते हैं जो परमाणु नाभिक के तल के ऊपर और नीचे स्थित होते हैं। |
| $(f)$ $\sigma$ बंध के चारों ओर मुक्त घूर्णन संभव है। | $(f)$ $\pi$ बंध के मामले में घूर्णन प्रतिबंधित होता है। |
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