(N/A) केंद्रीय परमाणु $Br$ के संयोजी कोश में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं। इनमें से तीन इलेक्ट्रॉन तीन फ्लोरीन परमाणुओं के साथ बंध युग्म (bond pairs) बनाते हैं,जिससे चार इलेक्ट्रॉन शेष रह जाते हैं।
इस प्रकार,इसमें तीन बंध युग्म और दो एकाकी युग्म (lone pairs) होते हैं।
$VSEPR$ सिद्धांत के अनुसार,ये एक त्रिकोणीय द्वि-पिरामिड (trigonal bipyramid) के कोनों पर स्थित होते हैं।
दो एकाकी युग्म भूमध्यरेखीय (equatorial) स्थितियों पर कब्जा करते हैं ताकि एकाकी युग्म-एकाकी युग्म और बंध युग्म-एकाकी युग्म के बीच प्रतिकर्षण को कम किया जा सके,जो कि बंध युग्म-बंध युग्म प्रतिकर्षण से अधिक होता है।
इसके अतिरिक्त,अक्षीय फ्लोरीन परमाणु एकाकी युग्म-एकाकी युग्म प्रतिकर्षण को कम करने के लिए भूमध्यरेखीय फ्लोरीन की ओर झुक जाते हैं।
अतः,इसकी आकृति थोड़ी मुड़ी हुई $'T'$ जैसी होती है।