(N/A) प्रोटीन का पाचन पेट (आमाशय) में शुरू होता है और छोटी आंत में पूरा होता है।
प्रोटीन पर कार्य करने वाले एंजाइमों को प्रोटीज कहा जाता है।
आमाशय में पाचन:
आमाशय की दीवार में मौजूद जठर ग्रंथियां जठर रस का स्राव करती हैं, जिसमें $HCl$, पेप्सिनोजेन और रेनिन होता है। अम्लीय माध्यम निष्क्रिय पेप्सिनोजेन को सक्रिय पेप्सिन में बदल देता है। सक्रिय पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटीज और पेप्टाइड्स में बदल देता है।
$Proteins \xrightarrow{Pepsin} Proteases + Peptides$
रेनिन दूध के प्रोटीन के थक्के जमने में शामिल होता है।
छोटी आंत में पाचन:
छोटी आंत में अग्नाशयी रस और आंतों का रस भोजन पर कार्य करते हैं।
अग्नाशयी रस की क्रिया:
अग्नाशयी रस में निष्क्रिय एंजाइम होते हैं: ट्रिप्सिनोजेन, काइमोट्रिप्सिनोजेन और प्रोकार्बोक्सीपेप्टिडेज़। आंतों के म्यूकोसा द्वारा स्रावित एंटेरोकाइनेज एंजाइम ट्रिप्सिनोजेन को ट्रिप्सिन में सक्रिय करता है।
$Trypsinogen \xrightarrow{Enterokinase} Trypsin + \text{Inactive peptide}$
सक्रिय ट्रिप्सिन फिर काइमोट्रिप्सिनोजेन को काइमोट्रिप्सिन में और प्रोकार्बोक्सीपेप्टिडेज़ को कार्बोक्सीपेप्टिडेज़ में सक्रिय करता है।
$Proteins \xrightarrow{Chymotrypsin} Peptides$
$Peptides \xrightarrow{Carboxypeptidase} \text{Smaller peptide chains} + \text{Amino acids}$
आंतों के रस की क्रिया:
आंतों के रस (सकस एंटेरिकस) में डाइपेप्टिडेज़ होते हैं जो प्रोटीन के पाचन को पूरा करते हैं।
$Dipeptides \xrightarrow{Dipeptidases} \text{Amino acids}$