(N/A) विभिन्न प्राणी समूहों में उत्सर्जी संरचनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पाई जाती है:
$1$. $Protonephridia$ (आदि वृक्कक / ज्वाला कोशिकाएं): ये सरल नलिकाकार संरचनाएं हैं जो $Platyhelminthes$ (जैसे $Planaria$),रोटिफर्स,कुछ एनेलिड्स और सिफेलोकोर्डेट्स (जैसे $Amphioxus$) में पाई जाती हैं। ये मुख्य रूप से परासरण नियमन (osmoregulation) से संबंधित हैं।
$2$. $Nephridia$ (वृक्कक): ये केंचुओं और अन्य एनेलिड्स की नलिकाकार उत्सर्जी संरचनाएं हैं। ये नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों को हटाने और तरल तथा आयनिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
$3$. $Malpighian$ $tubules$ (मैल्पीघियन नलिकाएं): ये तिलचट्टों सहित अधिकांश कीटों की उत्सर्जी संरचनाएं हैं। ये नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों को हटाने और परासरण नियमन में सहायता करती हैं।
$4$. $Antennal$ $glands$ (एंटेनल ग्रंथियां) या $Green$ $glands$ (हरित ग्रंथियां): ये झींगा जैसे क्रस्टेशियंस में उत्सर्जी कार्य करती हैं।
$5$. $Kidneys$ (वृक्क): कशेरुकियों में,वृक्क नामक जटिल नलिकाकार अंग प्राथमिक उत्सर्जी संरचनाएं हैं जो होमोस्टैसिस बनाए रखने के लिए निस्पंदन,पुनरावशोषण और स्राव के लिए जिम्मेदार हैं।