(N/A) स्पष्ट रूप से,फलन प्रत्येक वास्तविक संख्या के लिए परिभाषित है। फलन का आलेख चित्र में दिखाया गया है। निरीक्षण द्वारा,$f$ के प्रांत (domain) को वास्तविक रेखा के तीन अलग-अलग उपसमुच्चयों में विभाजित करना उचित है।
मान लीजिए $D_1 = \{ x \in \mathbb{R} : x < 0 \}$,$D_2 = \{ 0 \}$,और $D_3 = \{ x \in \mathbb{R} : x > 0 \}$ है।
स्थिति $1$: $D_1$ के किसी भी बिंदु पर,हमारे पास $f(x) = x^2$ है,जो एक बहुपद फलन है और अपने प्रांत में हर जगह सतत (continuous) है।
स्थिति $2$: $D_3$ के किसी भी बिंदु पर,हमारे पास $f(x) = x$ है,जो एक बहुपद फलन है और अपने प्रांत में हर जगह सतत है।
स्थिति $3$: अब हम $x = 0$ पर फलन का विश्लेषण करते हैं। $0$ पर फलन का मान $f(0) = 0$ है।
$0$ पर $f$ की बायीं सीमा (left-hand limit) है:
$\lim_{x \to 0^-} f(x) = \lim_{x \to 0^-} x^2 = 0^2 = 0$.
$0$ पर $f$ की दायीं सीमा (right-hand limit) है:
$\lim_{x \to 0^+} f(x) = \lim_{x \to 0^+} x = 0$.
अतः,$\lim_{x \to 0} f(x) = 0 = f(0)$,और इसलिए $f$ बिंदु $x = 0$ पर सतत है। चूँकि $f$ अपने प्रांत के प्रत्येक बिंदु पर सतत है,इसलिए $f$ एक सतत फलन है।