लासाइन परीक्षण (Lassaigne's test) के रसायन विज्ञान की चर्चा करें।

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(N/A) लासाइन परीक्षण का उपयोग कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन,सल्फर,हैलोजन और फास्फोरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है। कार्बनिक यौगिक में ये तत्व सहसंयोजक रूप में होते हैं,जिन्हें सोडियम धातु के साथ पिघलाकर आयनिक रूप में परिवर्तित किया जाता है।
$Na + C + N \xrightarrow{\Delta} NaCN$
$2Na + S \xrightarrow{\Delta} Na_2S$
$Na + X \xrightarrow{\Delta} NaX$ (जहाँ $X = Cl, Br, I$)
प्राप्त सोडियम के साइनाइड,सल्फाइड और हैलाइड को आसुत जल में उबालकर निकाला जाता है,जिसे लासाइन निष्कर्ष कहते हैं।
$(a)$ नाइट्रोजन के लिए परीक्षण:
लासाइन निष्कर्ष को आयरन $(II)$ सल्फेट के साथ उबालकर सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड के साथ अम्लीकृत किया जाता है। सोडियम साइनाइड आयरन $(II)$ सल्फेट के साथ प्रतिक्रिया करके सोडियम हेक्सासाइनोफेरेट $(II)$ बनाता है। सल्फ्यूरिक एसिड के साथ गर्म करने पर,कुछ आयरन $(II)$ का आयरन $(III)$ में ऑक्सीकरण हो जाता है,जो आयरन $(III)$ हेक्सासाइनोफेरेट $(II)$ बनाता है,जिसे प्रशियन ब्लू रंग कहते हैं।
$6 CN^{-} + Fe^{2+} \longrightarrow [Fe(CN)_6]^{4-}$
$3[Fe(CN)_6]^{4-} + 4Fe^{3+} \xrightarrow{xH_2O} Fe_4[Fe(CN)_6]_3 \cdot xH_2O$ (प्रशियन ब्लू रंग)
$(b)$ सल्फर के लिए परीक्षण:
$(i)$ लासाइन निष्कर्ष में एसिटिक एसिड और लेड एसीटेट मिलाने पर लेड सल्फाइड का काला अवक्षेप प्राप्त होता है।
$S^{2-} + Pb^{2+} \to PbS$ (काला)
$(ii)$ सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड के साथ बैंगनी रंग प्राप्त होता है।
$S^{2-} + [Fe(CN)_5NO]^{2-} \to [Fe(CN)_5NOS]^{4-}$ (बैंगनी)
यदि नाइट्रोजन और सल्फर दोनों मौजूद हों,तो $NaSCN$ बनता है,जो $Fe^{3+}$ के साथ रक्त जैसा लाल रंग देता है।
$Fe^{3+} + SCN^{-} \to [Fe(SCN)]^{2+}$ (रक्त जैसा लाल)
$(c)$ हैलोजन के लिए परीक्षण:
निष्कर्ष को नाइट्रिक एसिड के साथ अम्लीकृत करके सिल्वर नाइट्रेट मिलाया जाता है। प्राप्त अवक्षेप ($AgCl$ सफेद,$AgBr$ हल्का पीला,$AgI$ पीला) हैलोजन की उपस्थिति की पुष्टि करते हैं।

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नाइट्रोजन के लिए लैसाने परीक्षण किस यौगिक के लिए नकारात्मक (negative) है?

कथन : लैसेन निष्कर्ष (Lassaigne's extract) के साथ नाइट्रोजन के परीक्षण के दौरान,$FeCl_3$ विलयन मिलाने पर,कभी-कभी रक्त जैसा लाल रंग प्राप्त होता है।
कारण : कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन के साथ सल्फर भी उपस्थित है।

कार्बनिक यौगिक में फास्फोरस का पता लगाने के दौरान,निम्नलिखित में से किसके निर्माण के कारण पीला अवक्षेप प्राप्त होता है?

यदि लैसेन परीक्षण (Lassaigne test) के दौरान कार्बनिक यौगिक में $N$ और $S$ उपस्थित हैं,तो वे दोनों किसमें परिवर्तित हो जाते हैं?

Difficult
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List-$I$ में दिए गए यौगिकों का List-$II$ में दिए गए अवलोकनों के साथ मिलान करें और सही विकल्प चुनें।
List-$I$ List-$II$
$I$. एनिलीन $P$. यौगिक के सोडियम फ्यूजन अर्क को $FeSO_4$ के साथ उबालने और फिर सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अम्लीकृत करने पर प्रशियन नीला रंग प्राप्त होता है।
$II$. $o$-क्रेसोल $Q$. यौगिक के सोडियम फ्यूजन अर्क की सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड के साथ अभिक्रिया कराने पर रक्त जैसा लाल रंग प्राप्त होता है।
$III$. सिस्टीन $R$. यौगिक को $NaHCO_3$ के संतृप्त विलयन में मिलाने पर बुदबुदाहट (effervescence) होती है।
$IV$. कैप्रोलैक्टम $S$. यौगिक ब्रोमीन जल के साथ अभिक्रिया करके सफेद अवक्षेप देता है।
$T$. यौगिक की उदासीन $FeCl_3$ विलयन के साथ अभिक्रिया कराने पर बैंगनी रंग प्राप्त होता है।

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