(N/A) समानता के बिंदु:
$1$. दोनों $+3$ ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते हैं।
$2$. दोनों श्रेणी में त्रि-धनात्मक अवस्था में आयनिक आकार में संकुचन प्रदर्शित करते हैं।
$3$. दोनों अनुचुंबकीय गुण प्रदर्शित करते हैं।
$4$. दोनों विद्युत-धनात्मक और अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं।
$5$. दोनों रंगीन आयन बनाते हैं।
असमानता के बिंदु:
$1$. असमानताओं का कारण: $(i)$ $4f$ इलेक्ट्रॉनों की तुलना में $5f$ इलेक्ट्रॉनों की कम बंधन ऊर्जा। $(ii)$ $4f$ इलेक्ट्रॉनों की तुलना में $5f$ इलेक्ट्रॉनों का दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (shielding effect)।
$2$. एक्टिनॉइड्स बड़ी संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएं ($+7$ तक) प्रदर्शित करते हैं,जबकि लैंथेनॉइड्स अधिकतम $+4$ ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते हैं।
$3$. सभी एक्टिनॉइड्स रेडियोधर्मी होते हैं,जबकि लैंथेनॉइड्स में केवल प्रोमेथियम $(Pm)$ रेडियोधर्मी है।
$4$. एक्टिनॉइड्स में बाहरी इलेक्ट्रॉन बंधन के लिए आसानी से उपलब्ध होते हैं।
$5$. एक्टिनॉइड्स ऑक्सो-ऋणायन बनाते हैं (उदा.,$UO_{2}^{2+}$),जबकि लैंथेनॉइड्स ऑक्सो-ऋणायन नहीं बनाते हैं।
$6$. एक्टिनॉइड्स मध्यम तापमान पर अधातुओं के साथ अभिक्रिया करते हैं,जबकि लैंथेनॉइड्स को उच्च तापमान की आवश्यकता होती है।