(N/A) ड्यूमा विधि द्वारा नाइट्रोजन का आकलन:
नाइट्रोजन युक्त कार्बनिक यौगिक को जब कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_2)$ के वातावरण में कॉपर ऑक्साइड $(CuO)$ के साथ गर्म किया जाता है,तो यह कार्बन डाइऑक्साइड और जल के अतिरिक्त मुक्त नाइट्रोजन $(N_2)$ देता है।
अभिक्रिया:
$C_xH_yN_z + (2x + y/2)CuO \xrightarrow{\Delta} xCO_2 + (y/2)H_2O + (z/2)N_2 + (2x + y/2)Cu$
यदि नाइट्रोजन के ऑक्साइड के अंश बनते हैं,तो गैसीय मिश्रण को गर्म कॉपर की जाली के ऊपर से गुजारकर उन्हें नाइट्रोजन में अपचयित (reduce) कर दिया जाता है।
इस प्रकार उत्पन्न गैसों के मिश्रण को पोटेशियम हाइड्रोक्साइड $(KOH)$ के जलीय घोल पर एकत्र किया जाता है,जो कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर लेता है। नाइट्रोजन को अंशांकित नली (नाइट्रोमीटर) के ऊपरी भाग में एकत्र किया जाता है।
नाइट्रोजन की प्रतिशत संरचना की गणना:
लिए गए कार्बनिक यौगिक का द्रव्यमान $= m \ g$
एकत्रित नाइट्रोजन का आयतन $= V_1 \ mL$
प्रयोगशाला का तापमान $= T_1 \ K$
$T_1$ पर $N_2$ गैस का दाब $= p_1 = (\text{वायुमंडलीय दाब} - \text{जलीय तनाव})$
$STP$ पर $N_2$ का आयतन $= V \ mL$
आदर्श गैस समीकरण का उपयोग करके: $\frac{p_1 V_1}{T_1} = \frac{p_0 V_0}{T_0}$
नाइट्रोजन का प्रतिशत $= \frac{28}{22400} \times \frac{V_0 \times 100}{m}$