(N/A) हाइड्रोजन का वह समस्थानिक जिसमें एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होता है,उसे ड्यूटेरियम $(D)$ कहते हैं।
जब डाईड्यूटेरियम $(D_2)$ डाईऑक्सीजन $(O_2)$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो ड्यूटेरियम ऑक्साइड $(D_2O)$ प्राप्त होता है,जिसे भारी जल भी कहा जाता है।
रासायनिक समीकरण: $2D_{2(g)} + O_{2(g)} \xrightarrow{\Delta} 2D_2O_{(l)}$।
ऑक्सीजन के प्रति $H_2$ और $D_2$ की अभिक्रियाशीलता समान नहीं होती है।
इसका कारण यह है कि ड्यूटेरियम के अधिक द्रव्यमान के कारण $D-D$ बंध $H-H$ बंध की तुलना में अधिक मजबूत होता है,जिससे शून्य-बिंदु ऊर्जा कम हो जाती है।
परिणामस्वरूप,ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया में $H_2$,$D_2$ की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है।