| स्व-परागण | पर-परागण |
| $(i)$ यह परागकणों का एक ही पुष्प के परागकोश से वर्तिकाग्र तक या उसी पौधे के दूसरे पुष्प तक स्थानांतरण है। | $(i)$ यह परागकणों का एक पुष्प के परागकोश से उसी प्रजाति के दूसरे पौधे पर स्थित पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण है। |
| $(ii)$ इसमें कीटों, हवा या पानी जैसे बाहरी कारकों की आवश्यकता नहीं होती है। | $(ii)$ इसमें परागण के लिए कीटों, हवा या पानी जैसे बाहरी कारकों की आवश्यकता होती है। |
| $(iii)$ इसके परिणामस्वरूप संतति में कम आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है। | $(iii)$ इसके परिणामस्वरूप संतति में अधिक आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है। |
Explore More
Vedclass Products
Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.
Start Free TrialGenerate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.
Try FreeLive online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.
See Demo