(N/A) मानव वृक्क की आंतरिक संरचना का वर्णन इस प्रकार किया जा सकता है:
$1$. बाहरी विशेषताएँ: वृक्क सेम के बीज के आकार का अंग है। इसकी अवतल सतह पर एक खांच होती है जिसे हाइलम (Hilum) कहा जाता है,जिसके माध्यम से वृक्क धमनी,वृक्क शिरा और मूत्रवाहिनी वृक्क में प्रवेश करती है या बाहर निकलती है।
$2$. वृक्क पेल्विस: हाइलम के अंदर एक चौड़ी,कीप के आकार की जगह होती है जिसे वृक्क पेल्विस (Renal pelvis) कहा जाता है,जिसमें कैलीसेस (Calyces) नामक उभार होते हैं।
$3$. कैप्सूल: वृक्क की बाहरी परत एक मजबूत,रेशेदार संयोजी ऊतक कैप्सूल से ढकी होती है।
$4$. आंतरिक क्षेत्र: वृक्क के अंदर दो स्पष्ट क्षेत्र होते हैं: बाहरी वल्कुट (Cortex) और आंतरिक मध्यांश (Medulla)।
$5$. मध्यांश पिरामिड: मध्यांश कई शंक्वाकार द्रव्यमानों में विभाजित होता है जिन्हें मध्यांश पिरामिड (Medullary pyramids) कहा जाता है,जो कैलीसेस में प्रक्षेपित होते हैं।
$6$. वृक्क स्तंभ: वल्कुट मध्यांश पिरामिडों के बीच में वृक्क स्तंभों के रूप में फैलता है,जिन्हें बर्टिनी के स्तंभ (Columns of Bertini) कहा जाता है।
$7$. नेफ्रॉन: प्रत्येक वृक्क में लगभग दस लाख जटिल नलिकाकार संरचनाएं होती हैं जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है,जो वृक्क की कार्यात्मक इकाइयां हैं।