(N/A) नेफ्रॉन वृक्क (गुर्दे) की आधारभूत निस्यंदन (फिल्टरिंग) इकाइयाँ हैं। प्रत्येक वृक्क में बड़ी संख्या में,लगभग $1-1.5$ मिलियन नेफ्रॉन होते हैं। नेफ्रॉन के मुख्य घटक ग्लोमेरुलस,बोमन संपुट और एक लंबी वृक्क नलिका हैं।
नेफ्रॉन की कार्यप्रणाली:
$1$. रक्त वृक्क धमनी के माध्यम से वृक्क में प्रवेश करता है,जो ग्लोमेरुलस से जुड़ी कई केशिकाओं में विभाजित हो जाती है।
$2$. पानी और विलेय बोमन संपुट पर नेफ्रॉन में स्थानांतरित हो जाते हैं।
$3$. समीपस्थ नलिका में,अमीनो एसिड,ग्लूकोज और लवण जैसे कुछ पदार्थों का चयनात्मक पुनरावशोषण होता है और अवांछित अणु मूत्र में मिला दिए जाते हैं।
$4$. निस्यंद (फिल्ट्रेट) फिर हेनले के लूप में नीचे की ओर जाता है,जहाँ अधिक पानी अवशोषित होता है।
$5$. यहाँ से,निस्यंद ऊपर की ओर दूरस्थ नलिका में और अंततः संग्रह नलिका में चला जाता है। संग्रह नलिका कई नेफ्रॉन से मूत्र एकत्र करती है।
$6$. प्रत्येक वृक्क में बनने वाला मूत्र मूत्रवाहिनी नामक एक लंबी नली में प्रवेश करता है। मूत्रवाहिनी से,इसे मूत्राशय में और फिर मूत्रमार्ग में ले जाया जाता है।