(N/A) विलायक $S$ में भिन्न घुलनशीलता वाले दो यौगिकों को अलग करने के लिए आंशिक क्रिस्टलीकरण (Fractional crystallisation) विधि का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है।
$(a)$ विलयन की तैयारी: चूर्णित मिश्रण को एक फ्लास्क में लिया जाता है और उसमें धीरे-धीरे विलायक मिलाकर लगातार हिलाया जाता है। विलायक तब तक मिलाया जाता है जब तक कि विलेय पूरी तरह घुल न जाए। इस संतृप्त विलयन को फिर गर्म किया जाता है।
$(b)$ विलयन का निस्पंदन: गर्म संतृप्त विलयन को फिल्टर पेपर के माध्यम से एक चाइना डिश में छाना जाता है।
$(c)$ आंशिक क्रिस्टलीकरण: चाइना डिश में मौजूद विलयन को ठंडा होने दिया जाता है। कम घुलनशील यौगिक पहले क्रिस्टलीकृत होता है,जबकि अधिक घुलनशील यौगिक विलयन में ही रहता है। इन क्रिस्टलों को मातृ द्रव (mother liquor) से अलग करने के बाद,शेष द्रव को फिर से सांद्रित किया जाता है। गर्म विलयन को ठंडा होने दिया जाता है और परिणामस्वरूप,अधिक घुलनशील यौगिक के क्रिस्टल प्राप्त होते हैं।
$(d)$ पृथक्करण और सुखाना: इन क्रिस्टलों को निस्पंदन द्वारा मातृ द्रव से अलग किया जाता है। अंत में,क्रिस्टलों को सुखाया जाता है।