(N/A) जैविक नामकरण जीवों को विशिष्ट और उचित नाम देने की प्रणाली है ताकि उन्हें पहचाना जा सके और दूसरों से अलग किया जा सके। सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत प्रणाली द्विपद नामकरण (Binomial Nomenclature) है,जिसे कैरोलस लिनियस द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इसके मुख्य नियम निम्नलिखित हैं:
$1$. जैविक नाम सामान्यतः लैटिन भाषा में होते हैं और इन्हें तिरछे अक्षरों (italics) में लिखा जाता है। जब इन्हें हाथ से लिखा जाता है,तो इनके लैटिन मूल को दर्शाने के लिए इन्हें अलग-अलग रेखांकित (underline) किया जाता है।
$2$. जैविक नाम में पहला शब्द वंश (Genus) को दर्शाता है जबकि दूसरा घटक जाति संकेत पद (Specific epithet) को दर्शाता है।
$3$. जैविक नाम के दोनों शब्दों को हाथ से लिखते समय अलग-अलग रेखांकित किया जाता है,या उनके लैटिन मूल को दर्शाने के लिए तिरछे अक्षरों में छापा जाता है।
$4$. वंश को दर्शाने वाला पहला शब्द बड़े अक्षर (Capital letter) से शुरू होता है जबकि जाति संकेत पद छोटे अक्षर (Small letter) से शुरू होता है।
$5$. लेखक का नाम जाति संकेत पद के बाद (अर्थात जैविक नाम के अंत में) आता है और इसे संक्षिप्त रूप में लिखा जाता है,उदाहरण के लिए,Mangifera indica Linn.