(N/A) $\Rightarrow$ प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं बैक्टीरिया,नील-हरित शैवाल,माइकोप्लाज्मा और $PPLO$ द्वारा दर्शाई जाती हैं।
$\Rightarrow$ ये सामान्यतः यूकेरियोटिक कोशिकाओं की तुलना में छोटी होती हैं और अधिक तेजी से विभाजित होती हैं।
$\Rightarrow$ ये आकार और आकृति में बहुत भिन्न हो सकती हैं। बैक्टीरिया के चार मूल आकार बैसिलस,कोकस,विब्रियो और स्पिरिलम हैं।
$\Rightarrow$ प्रोकैरियोटिक कोशिका का संगठन मूल रूप से समान होता है,भले ही प्रोकैरियोट्स विभिन्न प्रकार के आकार और कार्य प्रदर्शित करते हों।
$\Rightarrow$ सभी प्रोकैरियोट्स में कोशिका झिल्ली के बाहर एक कोशिका भित्ति होती है।
$\Rightarrow$ कोशिका में भरा हुआ तरल मैट्रिक्स कोशिका द्रव्य (cytoplasm) कहलाता है।
$\Rightarrow$ इसमें कोई सुस्पष्ट केंद्रक नहीं होता है। आनुवंशिक पदार्थ नग्न होता है और केंद्रक झिल्ली द्वारा घिरा नहीं होता है।
$\Rightarrow$ कई बैक्टीरिया में जीनोमिक $DNA$ के बाहर छोटे गोलाकार $DNA$ होते हैं। इन्हें प्लाज्मिड कहा जाता है।
$\Rightarrow$ प्लाज्मिड $DNA$ ऐसे बैक्टीरिया को कुछ विशिष्ट फेनोटाइपिक लक्षण प्रदान करता है,जैसे कि एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध।
$\Rightarrow$ प्लाज्मिड $DNA$ का उपयोग विदेशी $DNA$ के साथ बैक्टीरियल रूपांतरण की निगरानी के लिए भी किया जाता है।
$\Rightarrow$ प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली नहीं पाई जाती है।
$\Rightarrow$ राइबोसोम को छोड़कर एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम,गॉल्जी बॉडी और माइटोकॉन्ड्रिया जैसे कोशिकांग उपस्थित नहीं होते हैं।
$\Rightarrow$ कोशिका झिल्ली का एक विशेष विभेदित रूप जिसे मिसोसोम कहा जाता है,प्रोकैरियोट्स की विशेषता है। ये अनिवार्य रूप से कोशिका झिल्ली के अंतर्वलन (infoldings) होते हैं।