(N/A) $\rightarrow$ श्वसन तंत्र श्वास नली (trachea) के एक नेटवर्क से बना होता है,जो श्वसन तंत्र के मुख्य तत्व हैं।
$\rightarrow$ श्वास नली की कई शाखाएँ पूरे शरीर में फैली होती हैं। इनकी अंतिम शाखाओं को श्वास नलिकाएं (tracheoles) कहा जाता है,जो शरीर के सभी भागों में $O_{2}$ का परिवहन करती हैं।
$\rightarrow$ श्वास नली श्वास रंध्रों (spiracles) के माध्यम से वायुमंडलीय हवा के साथ सीधा संपर्क बनाए रखती है।
$\rightarrow$ शरीर के पार्श्व पक्षों पर $10$ जोड़ी श्वास रंध्र मौजूद होते हैं। इनमें से $2$ जोड़ी वक्ष (thorax) क्षेत्र में और $8$ जोड़ी उदर (abdomen) क्षेत्र में स्थित होते हैं।
$\rightarrow$ श्वास रंध्रों की दीवारें कीप जैसी संरचनाओं से बनी होती हैं।
$\rightarrow$ ये कीप जैसी संरचनाएं धूल और बाहरी पदार्थों को श्वसन तंत्र में प्रवेश करने से रोकती हैं। वाल्व श्वास रंध्रों के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करते हैं।
$\rightarrow$ श्वसन के दौरान,ऑक्सीजन श्वास रंध्रों के माध्यम से श्वास नली में प्रवेश करती है और वहां से श्वास नलिकाओं के माध्यम से ऊतक द्रव (tissue fluid) के संपर्क में आकर उसमें घुल जाती है। शरीर के ऊतक इस घुली हुई ऑक्सीजन का उपयोग ऊर्जा प्राप्त करने के लिए करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड भी ऊतक द्रव में घुल जाती है और उच्छ्वास (exhalation) के दौरान बाहर निकल जाती है।