(N/A) $\rightarrow$ जगत-कवक या माइकोटा (Mycota) विषमपोषी जीवों का एक अनूठा जगत है।
$\rightarrow$ वे आकारिकी और आवास में बहुत विविधता दिखाते हैं।
$\rightarrow$ माइकोलॉजी (Mycology) विज्ञान की वह शाखा है जो विभिन्न कवकों के अध्ययन से संबंधित है।
$\rightarrow$ कवक के अध्ययन में विशेषज्ञता रखने वाले वैज्ञानिक को माइकोलॉजिस्ट कहा जाता है।
$\rightarrow$ कवक के उदाहरण:
$(1)$ जब आपकी ब्रेड पर फफूंद लग जाती है या आपका संतरा सड़ जाता है,तो यह कवक के कारण होता है।
$(2)$ आप जो सामान्य मशरूम खाते हैं और टोडस्टूल भी कवक ही हैं।
$(3)$ सरसों की पत्तियों पर दिखाई देने वाले सफेद धब्बे एक परजीवी कवक के कारण होते हैं।
$(4)$ कुछ एककोशिकीय कवक,जैसे यीस्ट,का उपयोग ब्रेड और बीयर बनाने के लिए किया जाता है।
$(5)$ अन्य कवक पौधों और जानवरों में बीमारियों का कारण बनते हैं; गेहूं में रस्ट रोग पैदा करने वाला $Puccinia$ एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
$(6)$ कुछ कवक एंटीबायोटिक्स के स्रोत हैं,जैसे $Penicillium$।
$\rightarrow$ आवास: कवक सर्वव्यापी हैं और हवा,पानी,मिट्टी और जानवरों और पौधों पर पाए जाते हैं।
$\rightarrow$ वे गर्म और नम जगहों पर उगना पसंद करते हैं।
$\rightarrow$ शारीरिक संगठन: यीस्ट को छोड़कर,जो एककोशिकीय है,कवक तंतुमय होते हैं।
$\rightarrow$ उनका शरीर लंबी,पतली,धागे जैसी संरचनाओं से बना होता है।
$\rightarrow$ कवक तंतु (hyphae) पतले,नलिकाकार,पारदर्शी धागे या तंतु होते हैं जो जीवद्रव्य से भरे होते हैं और कोशिका भित्ति से ढके होते हैं।
$\rightarrow$ कवक तंतुओं के जाल को कवकजाल (mycelium) कहा जाता है।
$\rightarrow$ कुछ कवक तंतु निरंतर नलिकाएं होती हैं जो बहुकेंद्रकीय कोशिकाद्रव्य से भरी होती हैं; इन्हें संकोशिकी (coenocytic) कवक तंतु कहा जाता है।
$\rightarrow$ दूसरों के कवक तंतुओं में पट (septa) या आड़ी दीवारें होती हैं।
$\rightarrow$ कवक में पाए जाने वाले कवक तंतुओं के प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ अपटीय कवक तंतु (Aseptate hyphae): अपटीय कवक तंतुओं में केंद्रक विभाजन के समय आड़ी दीवारें या पट नहीं बनते हैं।
$\rightarrow$ ऐसे कवक तंतु बहुकेंद्रकीय होते हैं।
$\rightarrow$ यदि कवकजाल में अपटीय और बहुकेंद्रकीय कवक तंतु होते हैं,तो इसे संकोशिकी (coenocytic) कहा जाता है।
$(ii)$ पटीय कवक तंतु (Septate hyphae): इस प्रकार में,केंद्रक विभाजन के बाद आड़ी दीवारें या पट बनते हैं।
$\rightarrow$ कोशिकाओं में एक,दो या कई केंद्रक हो सकते हैं।
$\rightarrow$ इनमें कवक तंतुओं में पट छिद्र या आड़ी दीवारें होती हैं,जो निकटवर्ती कोशिकाओं के बीच पदार्थों की आवाजाही की अनुमति देती हैं।