(N/A) वृद्धि दर को प्रति इकाई समय में हुई वृद्धि के रूप में परिभाषित किया जाता है।
वृद्धि को गणितीय रूप से व्यक्त किया जा सकता है और इसे मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
$1$. अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth): इस प्रकार में,समसूत्री कोशिका विभाजन के बाद,केवल एक संतति कोशिका विभाजित होती रहती है,जबकि दूसरी कोशिका विभेदित और परिपक्व हो जाती है। इसका एक सरल उदाहरण जड़ की निरंतर दर से लंबाई में वृद्धि है। गणितीय रूप से,इसे $L_t = L_0 + rt$ के रूप में व्यक्त किया जाता है,जहाँ $L_t$ समय $t$ पर लंबाई है,$L_0$ शून्य समय पर लंबाई है,और $r$ वृद्धि दर या प्रति इकाई समय में बढ़ाव है।
$2$. ज्यामितीय वृद्धि (Geometrical Growth): इस पैटर्न में,वृद्धि तीन अलग-अलग चरणों का पालन करती है:
(क) लैग चरण (Lag phase): प्रारंभिक चरण जो बहुत धीमी वृद्धि द्वारा पहचाना जाता है।
(ख) लॉग चरण (Log phase/Exponential phase): मध्य चरण जहाँ वृद्धि बहुत तेज़ और घातीय होती है। यदि पोषक तत्वों की आपूर्ति पर्याप्त हो,तो दोनों संतति कोशिकाएं विभाजित होने की क्षमता बनाए रखती हैं।
(ग) स्थिर चरण (Stationary phase): अंतिम चरण जहाँ सीमित संसाधनों के कारण वृद्धि धीमी हो जाती है।
जब वृद्धि पैरामीटर को समय के विरुद्ध आलेखित किया जाता है,तो यह एक विशिष्ट सिग्मॉइड वक्र (sigmoid curve) बनाता है। घातीय वृद्धि को $W_1 = W_0 e^{rt}$ के रूप में व्यक्त किया जाता है,जहाँ $W_1$ अंतिम आकार है,$W_0$ प्रारंभिक आकार है,$t$ वृद्धि का समय है,$r$ सापेक्ष वृद्धि दर (दक्षता सूचकांक) है,और $e$ प्राकृतिक लघुगणक का आधार है।