(N/A) $(i)$ 'हेक्सेन' श्रृंखला में $6$ कार्बन परमाणुओं की उपस्थिति को दर्शाता है। क्लोरो क्रियात्मक समूह कार्बन $2$ पर स्थित है। अतः,संरचना $CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-CH(Cl)-CH_3$ है।
$(ii)$ 'पेंट' दर्शाता है कि मुख्य हाइड्रोकार्बन में $5$ कार्बन परमाणु हैं। 'ईन' और 'ऑल' क्रमशः कार्बन $4$ और $2$ पर $C=C$ और $-OH$ क्रियात्मक समूहों को दर्शाते हैं। अतः,संरचना $CH_2=CH-CH_2-CH(OH)-CH_3$ है।
$(iii)$ साइक्लोहेक्सीन का अर्थ है $6$ सदस्यों वाली रिंग जिसमें कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध हो। $3-$नाइट्रो का अर्थ है कि $C-3$ पर नाइट्रो समूह है। द्वि-आबंध को $-NO_2$ समूह पर वरीयता दी जाती है।
$(iv)$ '$1-$ऑल' का अर्थ है कि $C-1$ पर $-OH$ समूह स्थित है। $-OH$ मुख्य क्रियात्मक समूह है और इसे $C=C$ आबंध पर वरीयता मिलती है।
$(v)$ 'हेप्टेनल' $7$ कार्बन युक्त एल्डिहाइड को दर्शाता है। '$6-$हाइड्रॉक्सी' का अर्थ है कि कार्बन $6$ पर $-OH$ समूह है। अतः,संरचना $CH_3-CH(OH)-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CHO$ है।