(N/A) गिब्स ऊर्जा परिवर्तन और अभिक्रिया भागफल के बीच ऊष्मागतिक संबंध निम्नलिखित समीकरण द्वारा दिया जाता है:
$\Delta G = \Delta G^{\circ} + RT \ln Q \quad (Eq. I)$
जहाँ:
$\Delta G^{\circ} = \text{मानक गिब्स ऊर्जा परिवर्तन}$
$\Delta G = \text{किसी भी अवस्था पर गिब्स ऊर्जा परिवर्तन}$
$R = \text{गैस स्थिरांक} = 8.314 \ J \ mol^{-1} \ K^{-1}$
$T = \text{केल्विन में तापमान}$
$Q = \text{अभिक्रिया भागफल}$
साम्यावस्था पर,निकाय उस अवस्था में पहुँच जाता है जहाँ $\Delta G = 0$ और $Q = K_{c}$ होता है। इन मानों को $(Eq. I)$ में रखने पर:
$0 = \Delta G^{\circ} + RT \ln K$
$\Delta G^{\circ} = -RT \ln K$
$\ln K = -\frac{\Delta G^{\circ}}{RT} \quad (Eq. II)$
दोनों पक्षों का एंटीलॉग लेने पर:
$K = e^{-\Delta G^{\circ} / RT} \quad (Eq. III)$
$\Delta G^{\circ}$ का महत्व:
यदि $\Delta G^{\circ} < 0$,तो $-\Delta G^{\circ} / RT$ धनात्मक है,इसलिए $K > 1$,जो एक स्वतःप्रवर्तित अभिक्रिया को दर्शाता है जहाँ उत्पाद अधिक मात्रा में होते हैं।
यदि $\Delta G^{\circ} > 0$,तो $-\Delta G^{\circ} / RT$ ऋणात्मक है,इसलिए $K < 1$,जो एक स्वतःप्रवर्तित न होने वाली अभिक्रिया को दर्शाता है जहाँ अभिकारक अधिक मात्रा में होते हैं।