(A) जब $n$ इलेक्ट्रॉन $A$ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक में $v_{d}$ अपवाह वेग (drift velocity) से गति करते हैं,तो विद्युत धारा $I$ इस प्रकार दी जाती है:
$I = n A v_{d} e$
परिभाषा के अनुसार,गतिशीलता $\mu$,अपवाह वेग और आरोपित विद्युत क्षेत्र $E$ का अनुपात है:
$\mu = \frac{v_{d}}{E}$
अतः,अपवाह वेग को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
$v_{d} = \mu E$
इस मान को धारा के समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर:
$I = n A (\mu E) e$
गतिशीलता $\mu$ के लिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
$\mu = \frac{I}{n A E e}$
गतिशीलता का $SI$ मात्रक इस प्रकार परिकलित किया जाता है:
$\mu = \frac{A}{m^{-3} \times m^{2} \times (V/m) \times C} = \frac{A}{V \cdot C} = m^{2} V^{-1} s^{-1}$