(N/A) $NH_3$ (अमोनिया) एक दुर्बल क्षार है और इसका संयुग्मी अम्ल $NH_4^+$ है। $NH_3$ के लिए जल में निम्नलिखित साम्यावस्था स्थापित होती है:
$(i) NH_{3(aq)} + H_2O_{(l)} \rightleftharpoons NH_{4(aq)}^{+} + OH_{(aq)}^{-}$
$K_b = \frac{[NH_4^+][OH^{-}]}{[NH_3]}$
$NH_4^+$ एक संयुग्मी अम्ल के रूप में कार्य करता है। जलीय विलयन में इसकी साम्यावस्था इस प्रकार है:
$(ii) NH_{4(aq)}^{+} + H_2O_{(l)} \rightleftharpoons H_3O_{(aq)}^{+} + NH_{3(aq)}$
दुर्बल अम्ल $NH_4^+$ के लिए आयनन स्थिरांक $K_a$ है:
$K_a = \frac{[H_3O^{+}][NH_3]}{[NH_4^+]}$
अभिक्रिया $(i)$ और $(ii)$ को जोड़ने पर नेट अभिक्रिया प्राप्त होती है:
$2H_2O_{(l)} \rightleftharpoons H_3O_{(aq)}^{+} + OH_{(aq)}^{-}$
यह जल का स्वतः-आयनन है,जहाँ $K_w = [H_3O^{+}][OH^{-}]$.
साम्य स्थिरांकों $K_a$ और $K_b$ का गुणा करने पर:
$K_a \times K_b = \frac{[H_3O^{+}][NH_3]}{[NH_4^+]} \times \frac{[NH_4^+][OH^{-}]}{[NH_3]}$
$K_a \times K_b = [H_3O^{+}][OH^{-}] = K_w$
अतः,एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म के लिए,$K_a \times K_b = K_w$ होता है।