(N/A) लिगेंड: उपसहसंयोजन सत्ता में केंद्रीय परमाणु/आयन से बंधे आयनों या अणुओं को लिगेंड कहा जाता है। ये $Cl^{-}$ जैसे सरल आयन,$H_{2}O$ या $NH_{3}$ जैसे छोटे अणु,$H_{2}NCH_{2}CH_{2}NH_{2}$ या $N(CH_{2}CH_{2}NH_{2})_{3}$ जैसे बड़े अणु,या प्रोटीन जैसे वृहद् अणु भी हो सकते हैं। लिगेंड इलेक्ट्रॉन युग्म दाता होते हैं और इसलिए इन्हें लुईस क्षार कहा जाता है।
उपसहसंयोजन संख्या $(CN)$: एक संकुल में धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या को उन लिगेंड दाता परमाणुओं की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनसे धातु सीधे जुड़ी होती है। उपसहसंयोजन संख्या लिगेंड की दंतुकता (denticity) पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए,$[PtCl_{6}]^{2-}$ और $[Ni(NH_{3})_{4}]^{2+}$ संकुलों में,$Pt$ और $Ni$ की उपसहसंयोजन संख्या क्रमशः $6$ और $4$ है। इसी प्रकार,$[Fe(C_{2}O_{4})_{3}]^{3-}$ और $[Co(en)_{3}]^{3+}$ संकुल आयनों में,$Fe$ और $Co$ दोनों की उपसहसंयोजन संख्या $6$ है क्योंकि $C_{2}O_{4}^{2-}$ और $en$ (एथेन-$1,2$-डाईएमीन) द्विदंतुक लिगेंड हैं। उपसहसंयोजन संख्या केवल लिगेंड और केंद्रीय धातु आयन के बीच बने सिग्मा बंधों की संख्या द्वारा निर्धारित की जाती है।