निम्नलिखित अभिक्रियाओं पर विचार करें:
$C_2H_2 \xrightarrow[500^{\circ}C]{\text{red hot iron tube}} A$
$A \xrightarrow[70^{\circ}C]{\text{conc. } HNO_3, \text{conc. } H_2SO_4} B$
$B \xrightarrow{LiAlH_4} C_6H_5-N=N-C_6H_5$
$A$ और $B$ क्या हैं?

  • A
    $A=C_2H_4, B=C_6H_6$
  • B
    $A=C_2H_6, B=C_6H_5NH_2$
  • C
    $A=C_2H_4, B=C_6H_5NH_2$
  • D
    $A=C_6H_6, B=C_6H_5NO_2$

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प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब संभव है जब प्रकाश प्रवेश करता है

अमोनियम सल्फेट की कैल्शियम हाइड्रोक्साइड के साथ विवेचन करके बनाये गये अमोनिया को $NiCl _2 .6 H _2 O$ द्वारा पूरी तरह से एक स्थिर उपसहसंयोजन यौगिक (coordination compound) बनाने में उपयोग किया गया। मानिये कि दोनों अभिक्रियाएँ $100 \%$ पूर्ण है। यदि $1584 \ g$ अमोनियम सल्फेट और $952 g NiCl _2 .6 H _2 O$ इस विरचन में उपयोग किये गये हैं, तो इस प्रकार उत्पादित जिप्सम (gypsum) और निकल-अमोनिया उपसहसंयोजक यौगिक का संयुक्त भार (combined weight) (ग्राम में) ........ है।

(परमाणु भार $g mol ^{-1}$ में: $H =1, N =14, O =16, S =32, Cl =35.5, Ca =40, Ni =59$ )

List-$I$ और List-$II$ से उपयुक्त जोड़ियों का मिलान करें :
List-$I$List-$II$
$1$. नाइट्रोजन अणु$(A)$ सतत स्पेक्ट्रम
$2$. तापदीप्त ठोस$(B)$ अवशोषण स्पेक्ट्रम
$3$. फ्रॉनहोफर रेखाएँ$(C)$ बैंड स्पेक्ट्रम
$4$. लोहे की छड़ों के बीच विद्युत आर्क$(D)$ उत्सर्जन स्पेक्ट्रम

निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक सक्रिय (optically active) है?

$1 \ kg$ द्रव्यमान और $0.1 \ m$ त्रिज्या वाला एक ठोस गोला एक क्षैतिज फर्श पर $1 \ m/s$ के एकसमान वेग से बिना फिसले लुढ़क रहा है,तो इसकी गतिज ऊर्जा क्या होगी?

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