(N/A) प्रथम संक्रमण श्रेणी ($3d$ श्रेणी) में $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था की स्थिरता सामान्यतः आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है।
यह प्रवृत्ति इसलिए देखी जाती है क्योंकि श्रेणी में प्रथम और द्वितीय आयनन एन्थैल्पी का योग बढ़ता है,जिससे $d$-कक्षक से तीसरे इलेक्ट्रॉन को निकालना उत्तरोत्तर कठिन हो जाता है।
विशेष रूप से,$Mn^{2+}$ ($d^5$ विन्यास) और $Zn^{2+}$ ($d^{10}$ विन्यास) जैसे तत्वों के लिए,क्रमशः अर्ध-पूरित और पूर्ण-पूरित $d$-कक्षक विन्यास के कारण $+2$ अवस्था विशेष रूप से स्थिर होती है।
इसके विपरीत,श्रेणी के बाईं ओर के तत्वों के लिए,उच्च ऑक्सीकरण अवस्थाएं अक्सर अधिक स्थिर होती हैं क्योंकि $d$-कक्षकों से इलेक्ट्रॉनों को निकालना आसान होता है।