(N/A) परासरण: बाहर पानी की सांद्रता अधिक होने के कारण पानी किशमिश के अंदर प्रवेश करता है।
$(b)$ विसरण: वायरस के कण हवा में उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर फैलते हैं।
$(c)$ परासरण: बाहर नमक की सांद्रता अधिक होने के कारण केंचुए के शरीर से पानी बाहर निकल जाता है (बहिःपरासरण)।
$(d)$ परासरण: अंगूर से पानी बाहर निकलकर हाइपरटोनिक चीनी की चाशनी में चला जाता है।
$(e)$ परासरण: नमक एक हाइपरटोनिक वातावरण बनाता है,जिससे अचार की कोशिकाओं से पानी बाहर निकल जाता है।
$(f)$ विसरण: सुगंध के अणु केक से आसपास की हवा में फैलते हैं।
$(g)$ विसरण: घुली हुई ऑक्सीजन के अणु पानी से जलीय जीव के शरीर की श्वसन सतह पर विसरित होते हैं।