(N/A) आण्विक हाइड्राइडों को उनकी लुईस संरचनाओं में इलेक्ट्रॉनों और बंधों की सापेक्ष संख्या के आधार पर निम्नानुसार वर्गीकृत किया जाता है:
$(i)$ इलेक्ट्रॉन-न्यून हाइड्राइड: इन हाइड्राइडों में केंद्रीय परमाणु के चारों ओर आठ से कम इलेक्ट्रॉन होते हैं।
$\rightarrow$ समूह-$13$ के तत्व इन हाइड्राइडों का निर्माण करते हैं। उदाहरण: $BH_{3}$,$AlH_{3}$।
- ये हाइड्राइड लुईस अम्ल के रूप में कार्य करते हैं।
$(ii)$ इलेक्ट्रॉन-परिशुद्ध हाइड्राइड: इन हाइड्राइडों में केंद्रीय परमाणु के पास ठीक आठ इलेक्ट्रॉन होते हैं। समूह-$14$ के तत्व इन हाइड्राइडों का निर्माण करते हैं। उदाहरण: $CH_{4}$,$SiH_{4}$।
$(iii)$ इलेक्ट्रॉन-समृद्ध हाइड्राइड: इन हाइड्राइडों में केंद्रीय परमाणु के पास इलेक्ट्रॉनों के एकाकी युग्म (lone pairs) होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप संयोजी कोश में $8$ से अधिक इलेक्ट्रॉन होते हैं। समूह-$15$,$16$,और $17$ के तत्व इन हाइड्राइडों का निर्माण करते हैं। उदाहरण: $NH_{3}$,$H_{2}O$।