(A) $(i)$ $H_2SO_5$ के लिए: मान लीजिए $S$ की ऑक्सीकरण संख्या $x$ है। $2(+1) + x + 5(-2) = 0$ $\Rightarrow 2 + x - 10 = 0$ $\Rightarrow x = +8$. हालाँकि,$S$ की ऑक्सीकरण संख्या उसके संयोजी इलेक्ट्रॉनों,जो कि $6$ हैं,से अधिक नहीं हो सकती। यह त्रुटि इसलिए है क्योंकि $H_2SO_5$ (कैरो का अम्ल) में पेरोक्साइड लिंकेज होता है। सही संरचना $HO-S(=O)_2-O-OH$ है। प्रत्येक पेरोक्साइड ऑक्सीजन को $-1$ मानने पर: $2(+1) + x + 3(-2) + 2(-1) = 0 \Rightarrow x = +6$.
$(ii)$ $Cr_2O_7^{2-}$ के लिए: मान लीजिए $Cr$ की ऑक्सीकरण संख्या $x$ है। $2x + 7(-2) = -2$ $\Rightarrow 2x - 14 = -2$ $\Rightarrow 2x = 12$ $\Rightarrow x = +6$. इसकी संरचना $[O_3Cr-O-CrO_3]^{2-}$ है,जहाँ प्रत्येक $Cr$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+6$ है।
$(iii)$ $NO_3^-$ के लिए: मान लीजिए $N$ की ऑक्सीकरण संख्या $x$ है। $x + 3(-2) = -1$ $\Rightarrow x - 6 = -1$ $\Rightarrow x = +5$. इसकी संरचना त्रिकोणीय समतलीय है जिसमें $N$ केंद्र में है और इसकी ऑक्सीकरण अवस्था $+5$ है।