(A) कार्बन के दहन के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण है:
$C(s) + O_2(g) \rightarrow CO_2(g)$
$(i)$ संतुलित समीकरण से,$1$ मोल $C$,$1$ मोल $O_2$ के साथ अभिक्रिया करके $1$ मोल $CO_2$ $(44 \ g)$ उत्पन्न करता है। चूंकि हवा अधिक मात्रा में है,इसलिए $1$ मोल $CO_2$ $(44 \ g)$ उत्पन्न होगा।
$(ii)$ $O_2$ का मोलर द्रव्यमान $= 32 \ g/mol$ है। दिया गया $16 \ g$ $O_2 = 0.5$ मोल है। चूंकि $1$ मोल $C$ को $1$ मोल $O_2$ की आवश्यकता होती है,इसलिए $O_2$ सीमांत अभिकर्मक है। अतः,$0.5$ मोल $O_2$,$0.5$ मोल $CO_2$ उत्पन्न करेगा,जो $0.5 \times 44 = 22 \ g$ है।
$(iii)$ यहाँ,$16 \ g$ ($0.5$ मोल) $O_2$ फिर से सीमांत अभिकर्मक है। यह $0.5$ मोल $C$ के साथ अभिक्रिया करके $0.5$ मोल $CO_2$ उत्पन्न करेगा,जो $22 \ g$ है।