(A) $(i)$ समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के साथ आबंध वियोजन ऊर्जा आमतौर पर घटती है। हालाँकि,$F_{2}$ की आबंध वियोजन ऊर्जा $Cl_{2}$ और $Br_{2}$ से कम होती है,जिसका कारण फ्लोरीन का छोटा आकार और अंतः-इलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण है। अतः,बढ़ता क्रम: $I_{2} < F_{2} < Br_{2} < Cl_{2}$ है।
$(ii)$ $H-X$ अणुओं की आबंध वियोजन ऊर्जा $X$ का परमाणु आकार बढ़ने के साथ घटती है। चूँकि $H-I$ आबंध सबसे कमजोर है,$HI$ सबसे प्रबल अम्ल है। बढ़ता क्रम: $HF < HCl < HBr < HI$ है।
$(iii)$ नाइट्रोजन से बिस्मथ की ओर जाने पर,परमाणु का आकार बढ़ता है और केंद्रीय परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनत्व घटता है,जिससे एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म की उपलब्धता कम हो जाती है। अतः,क्षारीय शक्ति घटती है। बढ़ता क्रम: $BiH_{3} < SbH_{3} < AsH_{3} < PH_{3} < NH_{3}$ है।