(A) $K^{+}$,$Cl^{-}$,$S^{2-}$ और $Ca^{2+}$ आयन समइलेक्ट्रॉनिक (isoelectronic) हैं,जिसका अर्थ है कि इन सभी में $18$ इलेक्ट्रॉन हैं।
समइलेक्ट्रॉनिक प्रजातियों के लिए,जैसे-जैसे परमाणु क्रमांक (प्रोटॉन की संख्या) बढ़ता है,आयनिक त्रिज्या घटती जाती है।
$S^{2-}$ में $16$ प्रोटॉन हैं।
$Cl^{-}$ में $17$ प्रोटॉन हैं।
$K^{+}$ में $19$ प्रोटॉन हैं।
$Ca^{2+}$ में $20$ प्रोटॉन हैं।
जैसे-जैसे प्रोटॉन की संख्या बढ़ती है,प्रभावी नाभिकीय आवेश (effective nuclear charge) बढ़ता है,जो इलेक्ट्रॉन क्लाउड को नाभिक के करीब खींचता है,जिसके परिणामस्वरूप आयनिक त्रिज्या छोटी हो जाती है।
इसलिए,आयनिक त्रिज्या का घटता क्रम है: $S^{2-} > Cl^{-} > K^{+} > Ca^{2+}$.