(N/A) समूह $2$ में,$Be$ एकमात्र ऐसा तत्व है जो सहसंयोजक ऑक्साइड $BeO$ बनाता है,जो प्रकृति में उभयधर्मी है। इस समूह के अन्य तत्व आयनिक ऑक्साइड बनाते हैं जो प्रकृति में क्षारीय होते हैं। $BeO$ पानी के साथ अभिक्रिया करके $Be(OH)_{2}$ बनाता है,जो एक उभयधर्मी हाइड्रॉक्साइड है।
$BeO + H_{2}O \rightarrow Be(OH)_{2}$
$Be(OH)_{2}$ उभयधर्मी है,जिसका अर्थ है कि यह अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
क्षार $(NaOH)$ के साथ अभिक्रिया:
$2 NaOH_{(aq)} + Be(OH)_{2(s)} \rightarrow Na_{2}[Be(OH)_{4}]_{(aq)}$
(सोडियम टेट्राहाइड्रॉक्सोबेरिलिएट)
अम्ल $(H_{2}SO_{4})$ के साथ अभिक्रिया:
$Be(OH)_{2(s)} + H_{2}SO_{4(aq)} \rightarrow BeSO_{4(aq)} + 2 H_{2}O_{(l)}$
(बेरिलियम सल्फेट)