(N/A) दिया गया है:
सामान्य क्वथनांक पर विलयन का वाष्प दाब $(p_{1}) = 1.004 \ bar$
सामान्य क्वथनांक पर शुद्ध जल का वाष्प दाब $(p_{1}^{\circ}) = 1.013 \ bar$
विलेय का द्रव्यमान $(w_{2}) = 2 \ g$
विलायक (जल) का द्रव्यमान $(w_{1}) = 98 \ g$
विलायक (जल) का मोलर द्रव्यमान $(M_{1}) = 18 \ g \ mol^{-1}$
वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन के लिए राउल्ट के नियम के अनुसार:
$\frac{p_{1}^{\circ} - p_{1}}{p_{1}^{\circ}} = \frac{w_{2} \times M_{1}}{M_{2} \times w_{1}}$
मान रखने पर:
$\frac{1.013 - 1.004}{1.013} = \frac{2 \times 18}{M_{2} \times 98}$
$\frac{0.009}{1.013} = \frac{36}{M_{2} \times 98}$
$M_{2} = \frac{36 \times 1.013}{0.009 \times 98}$
$M_{2} = \frac{36.468}{0.882} \approx 41.35 \ g \ mol^{-1}$
अतः,विलेय का मोलर द्रव्यमान $41.35 \ g \ mol^{-1}$ है।