जब एक कुंडली में धारा $48$ $A/min$ की दर से बदलती है, तो उसमें $12$ $V$ का $e.m.f.$ प्रेरित होता है। कुंडली का स्वप्रेरकत्व (self-inductance) है:

  • A
    $0.25$
  • B
    $15$
  • C
    $1.5$
  • D
    $9.6$

Explore More

Similar Questions

एक लंबी परिनालिका (solenoid) में $1500$ फेरे हैं। जब इसमें $3.5 \, A$ की धारा प्रवाहित होती है, तो परिनालिका के प्रत्येक फेरे से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स $2.8 \times 10^{-3} \, Wb$ है। परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) है ($ \, H$ में)

$N$ निश्चित फेरों वाली $\lambda$ लंबाई और $A$ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाली परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व $L$ तब बढ़ता है जब

$30 \ cm$ लंबाई,$25 \ cm^2$ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल और $500$ फेरों वाली एक वायु-क्रोडित परिनालिका $2.5 \ A$ की धारा प्रवाहित करती है। धारा को $10^{-3} \ s$ के अल्प समय में अचानक बंद कर दिया जाता है। परिपथ में खुली स्विच के सिरों पर प्रेरित औसत बैक emf कितना होगा ($V$ में)? (परिनालिका के सिरों के पास चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन की उपेक्षा करें।)

$L = \frac{N\phi}{I}$ और $\varepsilon = -L\frac{dI}{dt}$ की सहायता से स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) की दो परिभाषाएँ दीजिए।

प्रेरकत्व (inductance) वाले परिपथ में धारा तुरंत क्यों नहीं बढ़ती है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo